Original Nilavanti Granth Pdf In Hindi Exclusive Link
"जिस प्रकार दर्पण में मुख का प्रतिबिम्ब तुरंत दिखता है, उसी प्रकार साधक के वचनों में सत्यता आती है। तीन सौ जप के बाद, साधक जो कहेगा, संसार वैसा ही मानेगा।"
"जिस प्रकार दर्पण में मुख का प्रतिबिम्ब तुरंत दिखता है, उसी प्रकार साधक के वचनों में सत्यता आती है। तीन सौ जप के बाद, साधक जो कहेगा, संसार वैसा ही मानेगा।"