भारतीय अध्यात्म परंपरा में गीता का स्थान सर्वोपरि है, लेकिन जब बात सिद्धांत से परे जाकर 'स्वयं सिद्ध' (Self-realized) अवस्था की होती है, तो (Avadhuta Gita) एक अद्वितीय ग्रंथ के रूप में उभरती है। यह ग्रंथ न केवल ज्ञान का भंडार है, बल्कि यह आत्मा की उस परम स्वतंत्रता का गीत है, जहाँ कोई कर्ता नहीं, कोई भोगता नहीं—केवल शुद्ध चेतना है।
अवधूत गीता क्या है? (What is Avadhuta Gita?) avadhuta gita pdf hindi